डॉ. रितु अरोड़ा, MS | LASIK एवं कॉर्निया विशेषज्ञ | श्रोफ आई सेंटर द्वारा मेडिकली रिव्यूड
लाल आँखें (Red Eyes) क्या होती हैं?
लाल आँखें, जिन्हें रेड आई (Red Eyes) या ब्लडशॉट आई (Bloodshot Eyes) भी कहा जाता है, तब होती हैं जब आँख की सतह पर मौजूद छोटी-छोटी रक्त वाहिकाएँ (Blood Vessels) फैल जाती हैं या उनमें सूजन आ जाती है। इसकी वजह से आँख का सफेद हिस्सा लाल या गुलाबी दिखाई देने लगता है।
यह समस्या कई कारणों से हो सकती है, जैसे:
- ड्राई आई (Dry Eye)
- एलर्जी
- आँखों का संक्रमण (Eye Infection)
- आँख में चोट लगना
- कॉन्टैक्ट लेंस का अधिक उपयोग
- कुछ गंभीर नेत्र रोग
अधिकतर मामलों में लाल आँखें गंभीर समस्या नहीं होतीं और उचित देखभाल से ठीक हो जाती हैं। लेकिन यदि इसके साथ दर्द, धुंधला दिखाई देना या आँख से अधिक डिस्चार्ज हो, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है और तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लेना आवश्यक है।
कई बार सुबह उठते ही अचानक आँख लाल दिखाई देती है। इसका कारण देर रात तक स्क्रीन देखना, पर्याप्त नींद न लेना, धूल या प्रदूषण हो सकता है। वहीं कुछ मामलों में यह संक्रमण, ग्लूकोमा या आँख के अंदर होने वाली सूजन जैसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
इस लेख में आप जानेंगे:
- लाल आँखें होने के सामान्य कारण
- किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए
- घर पर क्या देखभाल की जा सकती है
- किन स्थितियों में तुरंत इलाज आवश्यक होता है
- लाल आँखों से बचाव के आसान उपाय
लाल आँखों के साथ कौन-कौन से लक्षण दिखाई दे सकते हैं?
लाल आँखें अक्सर अकेले नहीं होतीं। कारण के अनुसार इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। इन लक्षणों को पहचानने से यह समझने में मदद मिलती है कि समस्या सामान्य है या तुरंत इलाज की आवश्यकता है।
सामान्य लक्षणों में शामिल हैं:
- आँख का सफेद हिस्सा लाल या गुलाबी दिखाई देना
- आँखों में जलन या चुभन
- आँख में रेत जैसी किरकिराहट महसूस होना
- आँखों से लगातार पानी आना
- आँखों से पानी जैसा, चिपचिपा या पीले-हरे रंग का डिस्चार्ज निकलना
- धुंधला दिखाई देना
- तेज रोशनी से परेशानी (Light Sensitivity)
- पलकों या आँखों के आसपास सूजन
- हल्का या तेज आँखों का दर्द
यदि लाल आँखों के साथ दर्द, धुंधली दृष्टि, तेज रोशनी से परेशानी या अधिक डिस्चार्ज हो, तो उसी दिन नेत्र विशेषज्ञ से जाँच करानी चाहिए।
यदि केवल हल्की लालिमा है और कोई अन्य लक्षण नहीं हैं, तो अक्सर यह गंभीर नहीं होती। फिर भी यदि समस्या 1–2 दिन से अधिक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
लाल आँखें (Eye Redness) क्यों होती हैं?
आँख की सतह पर मौजूद छोटी रक्त वाहिकाएँ जब किसी कारण से फैल जाती हैं या उनमें सूजन आ जाती है, तो आँख लाल दिखाई देती है। यह आमतौर पर शरीर की किसी प्रतिक्रिया का परिणाम होता है, जैसे सूखापन, एलर्जी, संक्रमण, चोट या किसी अन्य नेत्र रोग के कारण।
नीचे लाल आँखों के सबसे सामान्य कारण दिए गए हैं।
1. ड्राई आई (Dry Eye) और लंबे समय तक स्क्रीन देखना
आज के समय में लाल आँखों का सबसे सामान्य कारण ड्राई आई और लगातार मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर स्क्रीन देखना है।
दिल्ली NCR जैसे शहरों में प्रदूषण, एयर कंडीशनर और लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने से आँसू (Tear Film) जल्दी सूख जाते हैं, जिससे आँखों में लालिमा, जलन और थकान महसूस हो सकती है।
इससे बचने के लिए 20-20-20 नियम अपनाएँ:
हर 20 मिनट बाद 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखें।
यह आपकी आँखों को आराम देता है और स्क्रीन से होने वाले तनाव को कम करने में मदद करता है।
2. एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस (Allergic Conjunctivitis)
यदि आँखें लाल होने के साथ बहुत अधिक खुजली भी हो रही है, तो इसका कारण एलर्जी हो सकता है।
एलर्जी के सामान्य कारण हैं:
- धूल
- परागकण (Pollen)
- पालतू जानवरों के बाल
- कॉस्मेटिक उत्पाद
- प्रदूषण
ऐसी स्थिति में आँखें बार-बार मलने से समस्या और बढ़ सकती है क्योंकि इससे एलर्जी पैदा करने वाले रसायन (Histamine) अधिक मात्रा में निकलते हैं।
इसलिए आँखों को रगड़ने से बचें और आवश्यकता होने पर नेत्र विशेषज्ञ से उचित इलाज कराएँ।
3. इंफेक्टिव कंजंक्टिवाइटिस (Infective Conjunctivitis)
इंफेक्टिव कंजंक्टिवाइटिस, जिसे आम भाषा में आई फ्लू (Eye Flu) या पिंक आई (Pink Eye) भी कहा जाता है, लाल आँखों का एक सामान्य कारण है।
इसमें आमतौर पर निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं:
- आँखों का लाल होना
- पीले या हरे रंग का चिपचिपा डिस्चार्ज
- सुबह उठने पर पलकों का चिपक जाना
- आँखों से लगातार पानी आना
- हल्की जलन या असहजता
यह संक्रमण बैक्टीरिया या वायरस के कारण हो सकता है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है। इसलिए तौलिया, रूमाल, तकिया या आई मेकअप जैसी चीजें किसी और के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
क्योंकि बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण का इलाज अलग-अलग होता है, इसलिए स्वयं दवा लेने के बजाय नेत्र विशेषज्ञ से जाँच करवाना आवश्यक है।
4. सबकंजंक्टाइवल हेमरेज (Subconjunctival Haemorrhage)
कई बार आँख के सफेद हिस्से पर अचानक चमकीला लाल धब्बा दिखाई देता है। इसे सबकंजंक्टाइवल हेमरेज कहा जाता है।
यह तब होता है जब आँख की सतह पर मौजूद कोई छोटी रक्त वाहिका फट जाती है और उसके नीचे थोड़ा रक्त जमा हो जाता है।
इसके सामान्य कारण हो सकते हैं:
- तेज खाँसी या छींक आना
- भारी वजन उठाना
- ज़ोर लगाना
- आँख पर हल्का दबाव पड़ना
- आँख की सर्जरी के बाद
अधिकतर मामलों में इसमें दर्द नहीं होता और न ही दृष्टि पर कोई असर पड़ता है। यह लाल धब्बा सामान्यतः 1 से 2 सप्ताह के भीतर अपने आप ठीक हो जाता है।
यदि यह समस्या बार-बार हो रही हो, तो डॉक्टर से इसकी जाँच अवश्य करानी चाहिए।
5. यूवाइटिस (Uveitis)
यूवाइटिस आँख के अंदर होने वाली सूजन (Inflammation) है, जो केवल आँख की सतह तक सीमित नहीं रहती।
इसके सामान्य लक्षण हैं:
- आँखों में तेज दर्द
- तेज रोशनी से परेशानी
- धुंधला दिखाई देना
- आँखों का लाल होना
यूवाइटिस एक गंभीर समस्या हो सकती है और कई बार यह ऑटोइम्यून (Autoimmune) बीमारियों से भी जुड़ी होती है।
यदि समय पर इलाज न किया जाए, तो यह दृष्टि को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकती है। इसलिए ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।
6. एक्यूट एंगल-क्लोज़र ग्लूकोमा (Acute Angle-Closure Glaucoma)
यह आँखों की सबसे गंभीर आपातकालीन स्थितियों (Eye Emergency) में से एक है।
इसके प्रमुख लक्षण हैं:
- अचानक तेज आँखों का दर्द
- धुंधला दिखाई देना
- रोशनी के आसपास इंद्रधनुष जैसे घेरे (Halos) दिखाई देना
- मतली या उल्टी होना
- आँखों का लाल होना
यदि ये सभी लक्षण एक साथ दिखाई दें, तो तुरंत निकटतम आई इमरजेंसी या ग्लूकोमा विशेषज्ञ से संपर्क करें। समय पर इलाज न मिलने पर कुछ ही घंटों में स्थायी दृष्टि हानि (Permanent Vision Loss) हो सकती है।
7. रासायनिक या शारीरिक चोट (Chemical or Physical Injury)
यदि किसी रसायन (Chemical), धूल, लकड़ी के टुकड़े, कीड़े या किसी अन्य वस्तु के कारण आँख में चोट लग जाए, तो आँख अचानक लाल हो सकती है।
कुछ सामान्य कारण हैं:
- स्विमिंग पूल का क्लोरीन
- हेयर डाई
- मेकअप प्रोडक्ट
- धूल या मिट्टी
- पेड़ की टहनी या अन्य नुकीली वस्तु
यदि किसी रसायन का छींटा आँख में चला जाए, तो सबसे पहले कम से कम 15 मिनट तक साफ बहते पानी से आँख धोएँ।
इसके बाद बिना देर किए नेत्र विशेषज्ञ या आई इमरजेंसी में जाएँ।
8. कॉन्टैक्ट लेंस का अधिक उपयोग
कॉन्टैक्ट लेंस को निर्धारित समय से अधिक पहनना, लेंस पहनकर सो जाना या एक्सपायर हो चुके लेंस का उपयोग करना भी लाल आँखों का एक सामान्य कारण है।
ऐसा करने से कॉर्निया तक ऑक्सीजन की मात्रा कम पहुँचती है, जिससे लालिमा, दर्द और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
यदि कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के दौरान आँख लाल हो जाए:
- तुरंत लेंस निकाल दें।
- दोबारा लेंस तब तक न पहनें जब तक आँख पूरी तरह सामान्य न हो जाए।
- यदि लालिमा या दर्द बना रहे, तो नेत्र विशेषज्ञ से जाँच कराएँ।
क्या लाल आँखें हमेशा गंभीर होती हैं?
अधिकतर मामलों में लाल आँखें कंजंक्टाइवा (Conjunctiva) की रक्त वाहिकाओं में सूजन या फैलाव के कारण होती हैं। इससे आँख का सफेद हिस्सा लाल दिखाई देने लगता है।
कुछ मामलों में यह रक्त वाहिकाओं से थोड़ा रक्त रिसने (Subconjunctival Haemorrhage) के कारण भी हो सकता है।
हालाँकि हर लाल आँख गंभीर नहीं होती, लेकिन कुछ लक्षण तुरंत डॉक्टर से मिलने का संकेत देते हैं।
क्या आपकी लाल आँखें गंभीर हैं? एक आसान गाइड
| कारण | मुख्य लक्षण | क्या करें? |
| ड्राई आई / स्क्रीन थकान | जलन, किरकिरापन, पानी आना | आँखों को आराम दें, लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का उपयोग करें। 48 घंटे में सुधार न हो तो डॉक्टर से मिलें। |
| एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस | तेज खुजली, पानी आना | ठंडी पट्टी रखें, एलर्जी के कारण से बचें। गंभीर होने पर डॉक्टर से मिलें। |
| इंफेक्टिव कंजंक्टिवाइटिस | पीला या हरा चिपचिपा डिस्चार्ज | 24 घंटे के भीतर नेत्र विशेषज्ञ से मिलें। संक्रमण फैल सकता है। |
| सबकंजंक्टाइवल हेमरेज | आँख में लाल धब्बा, दर्द नहीं | सामान्यतः 1–2 सप्ताह में स्वयं ठीक हो जाता है। |
| यूवाइटिस | तेज दर्द, धुंधली दृष्टि, रोशनी से परेशानी | तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से मिलें। |
| एक्यूट एंगल-क्लोज़र ग्लूकोमा | तेज दर्द, मतली, रोशनी के चारों ओर घेरे | तुरंत आई इमरजेंसी जाएँ। |
| रासायनिक या शारीरिक चोट | अचानक दर्द और लालिमा | 15 मिनट तक पानी से आँख धोएँ और तुरंत अस्पताल जाएँ। |
| कॉन्टैक्ट लेंस का अधिक उपयोग | लालिमा, असहजता, रोशनी से परेशानी | लेंस तुरंत निकालें। समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से मिलें। |
दिल्ली NCR में लाल आँखें (Eye Redness) की समस्या क्यों अधिक होती है?
दिल्ली NCR में कुछ पर्यावरणीय कारणों की वजह से आँखों का लाल होना अपेक्षाकृत अधिक देखा जाता है।
वायु प्रदूषण (Air Pollution)
दिल्ली में बढ़े हुए PM2.5 और धूल के कण दिनभर आँखों की सतह पर जमा होकर जलन, सूखापन और लालपन पैदा कर सकते हैं। बाहर जाते समय सुरक्षात्मक चश्मा पहनें और घर लौटने के बाद डॉक्टर की सलाह अनुसार लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का उपयोग करें।
स्विमिंग पूल का क्लोरीन
क्लोरीन आँखों की बाहरी सतह को प्रभावित कर सकता है। तैराकी के दौरान हमेशा स्विमिंग गॉगल्स पहनें। यदि तैरने के 24 घंटे बाद भी लालपन बना रहे या आँख से स्राव आने लगे, तो नेत्र विशेषज्ञ से तुरंत जाँच करवाएँ।
होली के रंग
सिंथेटिक रंग आँखों में केमिकल कंजंक्टिवाइटिस का कारण बन सकते हैं। होली खेलते समय सुरक्षात्मक चश्मा पहनें। यदि रंग आँख में चला जाए, तो कम से कम 15 मिनट तक साफ़ पानी से आँख धोएँ और दर्द या धुंधलापन होने पर उसी दिन नेत्र विशेषज्ञ से मिलें।
मानसून के बाद संक्रमण
बरसात के बाद गर्म और नम मौसम में वायरल तथा बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस तेजी से फैल सकता है, विशेषकर स्कूलों और कार्यालयों में। ऐसे समय हाथों की स्वच्छता बनाए रखें और तौलिया या रूमाल साझा करने से बचें।
लाल आँखों का घरेलू उपचार (Home Treatment for Red Eyes)

यदि लालपन ड्राई आई, लंबे समय तक स्क्रीन देखने या हल्की जलन के कारण है, तो कुछ आसान उपाय आराम दे सकते हैं।
- प्रिज़र्वेटिव-फ्री लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स का उपयोग करें।
- बंद आँखों पर 10 मिनट तक साफ़ और ठंडी पट्टी रखें।
- कॉन्टैक्ट लेंस तुरंत निकाल दें और कुछ समय तक दोबारा न पहनें।
- सोने से पहले आँखों का मेकअप पूरी तरह साफ़ करें।
- धूम्रपान से बचें क्योंकि यह ड्राई आई और एलर्जी दोनों को बढ़ा सकता है।
- आँखों को बार-बार रगड़ने से बचें, चाहे उनमें कितनी भी खुजली क्यों न हो।
महत्वपूर्ण सलाह
बिना नेत्र विशेषज्ञ की सलाह के मेडिकल स्टोर से मिली आई ड्रॉप्स का उपयोग न करें, विशेषकर स्टेरॉयड युक्त ड्रॉप्स। यदि लाल आँख का कारण संक्रमण है, तो ऐसी दवाएँ समस्या को और गंभीर बना सकती हैं।
लाल आँख (Eye Redness) को नज़रअंदाज़ कब नहीं करना चाहिए?
निम्न स्थितियों में तुरंत इमरजेंसी में जाएँ
- अचानक तेज़ आँख का दर्द होना
- दर्द के साथ मतली या उल्टी होना
- रोशनी के चारों ओर इंद्रधनुष जैसे घेरे (Halos) दिखाई देना
- अचानक धुंधला दिखना या दृष्टि कम होना
- किसी रसायन या चोट के बाद आँख लाल हो जाना
- नवजात शिशु की आँख लाल होना
24 से 48 घंटे के भीतर नेत्र विशेषज्ञ से मिलें यदि
- घरेलू देखभाल के बाद भी लालपन कम न हो।
- आँख से पीला या हरा चिपचिपा स्राव आने लगे।
- कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के दौरान आँख लाल हो जाए।
- बच्चे की आँख लाल हो।
रोज़मर्रा की आदतों से लाल आँखों से कैसे बचें?
कुछ आसान आदतें अपनाकर लाल आँखों की समस्या का जोखिम कम किया जा सकता है।
- सोने से पहले मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस हमेशा हटा दें।
- आँखों को बार-बार रगड़ने से बचें।
- धूम्रपान न करें।
- स्क्रीन का उपयोग करते समय 20-20-20 नियम अपनाएँ। हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप्स का उपयोग न करें।
- यदि लालपन एक-दो दिन से अधिक बना रहे, तो नेत्र विशेषज्ञ से जाँच करवाएँ।
श्रोफ आई सेंटर, दिल्ली NCR में 1914 से नेत्र चिकित्सा सेवाएँ प्रदान कर रहा है। यदि आपकी आँखों का लालपन ठीक नहीं हो रहा है या इसके साथ दर्द, धुंधलापन या अन्य लक्षण हैं, तो नेत्र विशेषज्ञ से समय पर परामर्श लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q: क्या लाल आँखें अपने आप ठीक हो सकती हैं?
हाँ। यदि लालपन ड्राई आई, स्क्रीन थकान या हल्की जलन के कारण है, तो यह 1–2 दिनों में ठीक हो सकता है। लेकिन यदि दर्द, धुंधली दृष्टि या स्राव हो, तो डॉक्टर से मिलना चाहिए।
Q: क्या लाल आँखें संक्रामक होती हैं?
यह कारण पर निर्भर करता है। वायरल या बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस संक्रामक होता है, जबकि एलर्जी, ड्राई आई या सबकंजंक्टाइवल हेमरेज संक्रामक नहीं होते।
Q: क्या दिल्ली का प्रदूषण आँखों को लाल कर सकता है?
हाँ। धूल और वायु प्रदूषण आँखों में जलन, सूखापन और लालपन का कारण बन सकते हैं। बाहर जाते समय सुरक्षात्मक चश्मा पहनना और आँखों को साफ़ रखना लाभदायक होता है।
Q: LASIK के बाद आँख लाल होना सामान्य है?
हाँ। LASIK के बाद कुछ दिनों तक हल्का लालपन सामान्य हो सकता है। यदि दर्द बढ़े, लालपन अधिक हो जाए या एक सप्ताह से अधिक बना रहे, तो तुरंत अपने नेत्र सर्जन से संपर्क करें।
Q: लाल आँखों के लिए कौन-सी आई ड्रॉप सुरक्षित है?
हल्के ड्राई आई या जलन में प्रिज़र्वेटिव-फ्री लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स सामान्यतः सुरक्षित होती हैं। एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड आई ड्रॉप्स केवल डॉक्टर की सलाह पर ही उपयोग करनी चाहिए।
Q: लाल आँखें कितने दिनों में ठीक होती हैं?
यह कारण पर निर्भर करता है। ड्राई आई से होने वाला लालपन कुछ घंटों या दिनों में ठीक हो सकता है। कंजंक्टिवाइटिस सामान्यतः 7–10 दिनों में ठीक होता है, जबकि सबकंजंक्टाइवल हेमरेज को पूरी तरह ठीक होने में लगभग 2 सप्ताह लग सकते हैं।
Q: क्या कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से आँखें लाल हो सकती हैं?
हाँ। लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनना, उनमें सो जाना या एक्सपायर लेंस का उपयोग करना आँखों में लालपन और जलन पैदा कर सकता है। ऐसे में लेंस तुरंत निकाल दें और यदि समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से जाँच करवाएँ।
आज ही अपनी आँखों की जाँच कराएँ
यदि आपकी आँखों का लालपन ठीक नहीं हो रहा है या आप सही कारण जानना चाहते हैं, तो श्रोफ आई सेंटर के नेत्र विशेषज्ञों से परामर्श लें।
कॉल करें: +91-11-41633999 / +91-9910956780
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Disclaimer
यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। यह किसी भी प्रकार से चिकित्सकीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। अपनी आँखों से संबंधित किसी भी समस्या के लिए हमेशा योग्य नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें। केवल इंटरनेट या ब्लॉग में पढ़ी गई जानकारी के आधार पर स्वयं उपचार न करें।





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